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10th class chemistry chapter 2 | 10th क्लास केमिस्ट्री पाठ 2 अम्ल भस्म तथा लवण



प्रश्न 1. अम्ल किसे कहते हैं ?

 उत्तर - अम्ल वह पदार्थ है जिसका जलीय विलियन स्वाद में खट्टा होता है, तथा धातु से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करता है

प्रश्न 2. भस्म किसे कहते हैं ?

उत्तर -भस्म वह पदार्थ है जिसका जलीय विलयन स्वाद में कड़वा होता है, तथा अम्ल को उदासीन कर लवण बनाता है

प्रश्न 3. विद्युत अपघट्य किसे कहते हैं ?

उत्तर - सभी अम्ल, भस्म तथा लवण के जलीय विलयन विद्युत का संचालन करते हैं जिन्हें हम विद्युत अपघट्य कहते हैं 
जैसे -हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ,सोडियम हाइड्रोक्साइड ,सोडियम क्लोराइड , इत्यादि

प्रश्न 4. विद्युत अनपघट्य किसे कहते हैं ?

उत्तर - वैसे योगिक जिनके जलीय विलियन विद्युत का संचालन नहीं करते ,वह विद्युत अपघट्य कहलाते हैं 
जैसे -एल्कोहल, गुलकोज ,यूरिया , इत्यादि

प्रश्न 5. आयनन किसे कहते हैं ?

उत्तर - जल द्वारा विद्युत अपघट्य का आयनों में विघटन होने की क्रिया को आयनन कहते हैं | 

आयनन तनुता के साथ बढ़ता है ,विलियन जितना ही तनु होगा आयनन की मात्रा उतना ही अधिक होगी

प्रश्न 6. आर्हेनियस द्वारा अम्ल को परिभाषित करें ?

उत्तर - अम्ल वह पदार्थ है जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H+) देता है  
जैसे - हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ,सल्फ्यूरिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल ,एसिटिक अम्ल

प्रश्न 7. आर्हेनियस द्वारा भस्म को परिभाषित करें ?

 उत्तर- भस्म वह पदार्थ है जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (OH-)  देता है
जैसे - सोडियम हाइड्रोक्साइड, पोटैशियम हाइड्रोक्साइड, अमोनियम हाइड्रोक्साइड, कैलशियम हाइड्रोक्साइड ,इत्यादि

प्रश्न 8. जल में विलय भस्म को क्या कहते हैं ?

उत्तर - जल में विलय भस्म को क्षार कहते हैं

प्रश्न 9. उदासीनीकरण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर - अम्ल तथा भस्म की अभिक्रिया के फलस्वरूप लवण तथा जल बनते हैं जिसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं|

NaOH+HCl  ->  NaCl+H2O

प्रश्न 10. अम्ल के प्रमुख गुण लिखिए ?

उत्तर - (i)अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं 
(ii)अम्ल विषैले तथा तीव्रनाशक होते हैं
(iii)अम्ल धातु से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करता है 
(iv) अम्ल धातु के कार्बोनेट एवं बाइकार्बोनेट से अभिक्रिया करके लवण, जल ,तथा कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है
(v) अम्ल और भस्म की अभिक्रिया के फलस्वरूप लवण तथा जल बनते हैं
(vi) अम्ल को जल में घुलाने पर उस्मा उत्पन्न होता है

प्रश्न 11. कुछ पदार्थों के नाम तथा उसमें उपस्थित अम्ल लिखिए ?

1. संतरा व नींबू का रस - सिट्रिक अम्ल
2. सेब - मैलिक अम्ल
3. इमली - टार्टरिक अम्ल
4. सिरका - ऐसीटिक अम्ल
5. दही - लैक्टिक अम्ल
6. टमाटर - ऑक्जैलिक अम्ल
7. आमाशय-रस - हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
8. चाय - टैनिक अम्ल
9. विटामिन C - ऐस्कॉर्बिक अम्ल
10. लाल चींटी - फॉर्मिक अम्ल

प्रश्न 12. सिट्रिक अम्ल किसमें होता है ?

उत्तर - सिट्रस फल (जैसे-नींबू, संतरा, कच्चे अंगूर) में सिट्रिक अम्ल विद्यमान होता है, जिसका स्वाद खट्टा होता है। 

प्रश्न 13. सिरका क्या है इसका उपयोग लिखें ?

उत्तर - सिरका (6-8% ऐसीटिक अम्ल) भी स्वाद में खट्टा होता है। सिरका अचार बनाने में रक्षक (preservative) के रूप में उपयोग किया जाता है। 

प्रश्न 14. एक विषैले तथा तीव्रनाशक अम्ल का नाम लिखें ?
उत्तर - कार्बोलिक अम्ल (फिनॉल)। कुछ

प्रश्न 15. सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग किस रूप में किया जाता है ? 

उत्तर - मोटर गाड़ी के बैटरी में बैटरी-अम्ल के
रूप में किया जाता है  

प्रश्न 16. खाद एवं विस्फोटक के रूप में किस अम्ल का उपयोग किया जाता है ?

उत्तर - नाइट्रिक अम्ल, जिससे अनेक प्रकार के खाद एवं विस्फोटक बनाए जाते हैं।


प्रश्न 17. हमारे पेट में कौन सा अम्ल का स्राव होता है ?

उत्तर - हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का स्राव (secretion) होते
रहता है, जो हमारे भोजन को पचाने में सहायक होता है। 

प्रश्न 18. पेट में किस अम्ल की मात्रा अधिक होने पर गैस और जलन होने लगती है ?

उत्तर - पेट में उत्पन्न होनेवाले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की मात्रा सामान्य से अधिक होने पर पेट में अम्लीयता या गैस की शिकायत होती है।

प्रश्न 19. पेट में गैस और जलन होने पर किसका उपयोग करना चाहिए ?

उत्तर - इसके उपचार हेतु प्रायः ऐंटासिड (antacid) का उपयोग किया जाता है। ऐंटासिड मूलतः क्षारीय होते हैं। जैसे- सोडियम बाइकार्बनिट, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड का विलयन आदि। 

प्रश्न 20. टूथपेस्ट क्या होता है ?

उत्तर - टूथपेस्ट (toothpaste) भास्मिक प्रकृति का होता है जो हमारे मुँह में उपस्थित अम्ल को उदासीन करने में सक्षम होता है तथा दाँत की रक्षा करता है।

प्रश्न 21. शुक्र ग्रह पर जीवन संभव क्यों नहीं है ?

उत्तर - शुक्र ग्रह (Venus) का वातावरण हल्के पीले सल्फ्यूरिक अम्ल के बादलों से घिरा होता है, अतः वेनस पर जीवन संभव नहीं हो सकता।

प्रश्न 22. लिटमस क्या है समझा कर लिखें ?

उत्तर - लिटमस एक रासायनिक सूचक लिटमस है जिसे थैलोफाइटा वर्ग के लाइकेन (lichen) पौधे से निकाला गया गुलाबी रंग का उदासीन अर्क (extract) होता है। लिटमस अम्लीय विलयन में लाल रंग देता है तथा क्षारीय विलयन में नीला रंग देता है। फिल्टर पेपर के टुकड़े को लिटमस के अम्लीय तथा क्षारीय विलयन में डालकर सुखा लिया जाता है जिससे लाल लिटमस पत्र तथा निला लिटमस पत्र प्राप्त होता है। किसी विलयन में यदि नीला लिटमस पत्र लाल हो तो विलयन अम्लीय कहलाता है, और यदि लाल लिटमस पत्र नीला हो तो विलयन क्षारीय कहलाता है। 

प्रश्न 23. सूचक किसे कहते हैं ?

उत्तर - वैसे रंजक, जिनका अम्ल तथा भस्म द्वारा रंग परिवर्तन होता है, उन्हें सूचक (indicator) कहा जाता है। 

प्रश्न 24. ऑल्फैक्टरी सूचक किसे कहते हैं ?

उत्तर - कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं जिनकी गंध अम्लीय तथा क्षारीय माध्यम में भिन्न-भिन्न होती है इन्हें ऑल्फैक्टरी सूचक (olfactory indicator) कहते हैं; जैसे-प्याज, लवंग का तेल (clove oil) तथा वैनिला इत्र (vanilla essence)। ऐसे सूचक की सहायता से से एक अंधा व्यक्ति भी गंध सूंघकर बता सकता है कि विलयन अम्लीय है या क्षारीय।

प्रश्न 25. सक्रियता श्रेणी से आप क्या समझते हैं ? इनकी विशेषताओं पर प्रकाश डालें ?   अथवा

सक्रियता श्रेणी में अम्ल तथा भस्म के साथ धातुओं की अभिक्रिया को समझाएं ?

उत्तर - 
1. सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएँ अम्ल के साथ अभिक्रिया कर लवण तथा हाइड्रोजन गैस बनाती हैं। इस श्रेणी में उपस्थित धातु हाइड्रोजन से जितना ही ऊपर स्थित होता है उतना ही वह सक्रिय माना जाता है। उदाहरण - पोटैशियम काफी सक्रिय धातु होता है तथा सीसा (lead) सबसे कम सक्रिय होता है।

2. सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से नीचे स्थित धातु अम्ल से अभिक्रिया नहीं करते जब तक कोई ऑक्सीकारक नहीं डाला जाता है।

3. नाइट्रिक अम्ल ऑक्सीकारक है, अतः यह उन धातुओं के साथ भी अभिक्रिया करता है जो सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से नीचे स्थित होते हैं।

प्रश्न 26. धातु के कार्बोनेट एवं बाइकार्बोनेट से अम्लों की
अभिक्रिया कर क्या बनाता है ?

उत्तर - धातु के कार्बोनेट एवं बाइकार्बोनेट अम्ल से अभिक्रिया कर लवण, जल एवं कार्बन डाइऑक्साइड देते हैं।

प्रश्न 27. धातु के ऑक्साइड की अम्ल से अभिक्रिया कर क्या बनाता है ?

उत्तर - धातु के ऑक्साइड मूलतः भस्म होते हैं तथा अम्ल से अभिक्रिया कर लवण तथा जल बनाते हैं।

इसी प्रकार, Zno और Cao भी अम्ल के साथ अभिक्रिया
करके लवण और जल बनाते हैं।

ZnO + H2SO4 → ZnSO4 + H2O
CaO + 2HCl → CaCl2 + H2O

प्रश्न 28. अधातु के ऑक्साइड की भस्म से अभिक्रिया कर क्या देते हैं ?

उत्तर - अधातु के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड की अभिक्रिया चूना-जल के साथ कराने पर कैल्शियम कार्बोनेट तथा जल बनता है।

प्रश्न 29. अम्ल तथा भस्म की जल से अभिक्रिया होने पर क्या होता है ?

उत्तर - अम्ल को जल में घुलाने पर ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे यह प्रमाणित होता है कि अम्ल तथा जल के बीच ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया होती है।

इसी प्रकार अन्य अम्ल भी जल में आयनित होकर ऊष्मा प्रदान करते हैं।

प्रश्न 30. सांद्र नाइट्रिक अम्ल या सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल को जल के साथ मिश्रित करने पर क्या होता है ?

उत्तर - सांद्र नाइट्रिक अम्ल या सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल को जल के साथ मिश्रित करने पर अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है  

प्रश्न 31. किस अम्ल में जल कभी नहीं डालना चाहिए ?

उत्तर - सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल में जल कभी न डालें।

प्रश्न 32. प्रबल अम्ल किसे कहते हैं ?

उत्तर - वे अम्ल जो जल में घुलकर लगभग पूर्णतः आयनित होकर हाइड्रोजन आयन (H+) प्रदान करते हैं, प्रबल अम्ल (strong acids) कहलाते हैं। 

उदाहरण - हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल, और सल्फ्यूरिक अम्ल प्रबल अम्ल हैं।

प्रश्न 33. दुर्बल अम्ल किसे कहते हैं ?

उत्तर -  वे अम्ल जो जल में घुलकर सिर्फ आंशिक रूप
में ही आयनित होते हैं, पूर्णतः नहीं, दुर्बल अम्ल (weak acids) कहलाते हैं। उदाहरण के लिए, कार्बोनिक अम्ल, 
ऐसीटिक अम्ल, आदि दुर्बल अम्ल हैं। 

प्रश्न 34. बोरिक अम्ल क्या है ? इसका उपयोग लिखें ?

उत्तर - यह एक दुर्बल अम्ल है जिसका उपयोग
ऐंटीसेप्टिक के रूप में किया जाता है। आंशिक रूप में आयनित होने के कारण इनके जलीय विलयन में H+ आयनों की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है। इसी कारण इनकी विद्युत-चालकता भी कम होती है।

प्रश्न 35. अम्ल सांद्र और तनु अम्ल कब हो सकता है ?

उत्तर - विलयन में उपस्थित अम्ल की मात्रा के अनुसार अम्ल, सांद्र और तनु हो सकते हैं। जब विलयन में अम्ल की अधिक मात्रा उपस्थित रहती है, तो उसे सांद्र अम्ल (concentrated acids) कहा जाता है। दूसरी ओर, जब विलयन में अम्ल की मात्रा अपेक्षाकृत कम रहती है, तो उसे तनु अम्ल (dilute acids) कहा जाता है। 

प्रश्न 36. किस अम्ल में जल की मात्रा कम रहती है और किस में कम होती हैं ?

उत्तर - सांद्र अम्ल में जल की मात्रा कम-से-कम रहती है, जबकि तनु अम्ल में जल की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक रहती है। 

प्रश्न 37. अम्ल की शक्ति ऐसीटिक अम्ल की तुलना में क्या होती है ?

उत्तर - अम्ल की शक्ति ऐसीटिक अम्ल की तुलना में कई गुना अधिक होती है। बोरिक अम्ल एक दुर्बल अम्ल है जिसका उपयोग ऐंटीसेप्टिक के रूप में होता है।

प्रश्न 38. प्रबल अम्ल का त्वचा पर क्या प्रभाव पड़ता है ?

उत्तर -  प्रबल अम्ल (सांद्र H,SO ) त्वचा को जला देते हैं। 

प्रश्न 39. सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल जब त्वचा पर गिर जाए तो क्या करना चाहिए ?

उत्तर - सर्वप्रथम पर्याप्त जल द्वारा त्वचा को धोकर दुर्बल भस्म के विलयन द्वारा अम्ल के प्रभाव को उदासीन किया जाता है।

प्रश्न 40. प्रबल भस्म या प्रवल क्षार किसे कहते हैं ?

उत्तर - वे भस्म जो जलीय विलयन में लगभग पूर्णतः आयनित होकर काफी मात्रा में हाइड्रॉक्साइड आयन (OH- ) प्रदान करते हैं, प्रबल भस्म या प्रवल क्षार (strong bases) कहलाते हैं। जैसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड, (NaOH) और पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH) इत्यादि

प्रश्न 41. दुर्वल भस्म या दुर्बल क्षार किसे कहते हैं ?

उत्तर - वे भस्म जो जलीय विलयन में सिर्फ अंशतः
आयनित होकर कम मात्रा में हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) प्रदान करते हैं, दुर्वल भस्म या दुर्बल क्षार (weak bases) कहलाते हैं। जैसे अमोनियम हाइड्रॉक्साइड,
कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड, और मैग्नीशियम
हाइड्रॉक्साइड, दुर्बल भस्म हैं।

प्रश्न 42. किसी अम्ल की शक्ति किस पर निर्भर करती है ?

उत्तर - किसी अम्ल की शक्ति उसके H+ आयन प्रदान
करने की क्षमता पर निर्भर करती है। अतः, किसी विलयन की अम्लीय शक्ति उसमें उपस्थित H+ आयन पर निर्भर करती है।

प्रश्न 43. pH स्केल का खोज कब किसने और क्यों किया ?

उत्तर - किसी विलयन में H+ आयन सांद्रण के निर्धारण के लिए सोरेंसन (1909) ने एक स्केल दिया जिसे pH स्केल कहा जाता है।

प्रश्न 44. pH स्केल से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर - pH प्रतीक (symbol) में p की व्युत्पत्ति शब्द potenz से हुई है जिसका अर्थ शक्ति (power) होता है। इस प्रकार, pH का मान (value) विलयन में हाइड्रोजन आयन की शक्ति को निरूपित करता है। अतः, किसी विलयन के pH का मान उसमें उपस्थित H+ आयनों की सांद्रता के लघुगणक (logarithm) का ऋणात्मक मान है।  pH = -log[H+]

प्रश्न 45. शुद्ध जल का pH मान कितना होता है ?

उत्तर - शुद्ध जल का pH मान 7 होता है।

प्रश्न 46. pH स्केल में उदासीन विलयन का pH मान कितना होता है ?

उत्तर - pH स्केल में उदासीन विलयन का pH मान 7 के
बराबर होता है

प्रश्न 47. अम्लीय विलयन का pH मान कितना होता है ?

उत्तर - 7 से कम  

प्रश्न 48. क्षारीय विलयन का pH मान कितना होता है ?

उत्तर - 7 से अधिक होता है।

प्रश्न 49. हमारे दैनिक जीवन में pH का महत्त्व लिखें ?

उत्तर - कुछ मुख्य महत्त्वों पर यहाँ प्रकाश डाला गया है।

1. पाचन तंत्र में pH का महत्त्व-हमारे पेट में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बनते रहता है जो हमारे भोजन को पचाने में सहायक होता है। इसका pH 1.0 के लगभग कायम रहता है। इससे पेट को कोई नुकसान नहीं होता है, किंतु अपच (indigestion) के कारण जब पेट में अम्ल की मात्रा एक निश्चित सीमा से ऊपर हो जाती है तब पेट में गैस और जलन होने लगती है। अतः, बढ़े हुए अम्ल के प्रभाव को नष्ट करने के लिए हलके भस्म (mild base) का इस्तेमाल करना पड़ता है जिसे ऐंटासिड (antacid) कहते हैं। मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड) और सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट जैसे हलके भस्म प्रायः इस्तेमाल किए जाते हैं।

2. pH परिवर्तन का दाँतों पर प्रभाव-जब हम शर्करायुक्त
(sugary) भोजन करते हैं तब यह मुँह में मौजूद बैक्टीरिया द्वारा अपघटित होकर अम्ल बनाता है। जब मुँह का pH 5.5 से कम हो जाता है तब दाँत के दंतवल्क (enamel) क्षतिग्रस्त होने लगते हैं। हमारे मुँह का लार (saliva) हल्का क्षारीय होने के कारण कुछ अंश तक अम्ल को उदासीन बना देता है, किंतु शेष अम्ल अप्रभावित रह जाता है। अतः, शेष अम्ल को नष्ट करने के लिए टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना पड़ता है जो क्षारीय होता है। नीम के दातून के रस में क्षार रहता है, अतः नीम के दातून से दाँत साफ करने से भी दाँत की रक्षा होती है।

3. थकान के समय शरीर के माँसपेशियों में अम्ल की उत्पत्ति-शारीरिक परिश्रम करने से लैक्टिक अम्ल बनता है जो हमारे शरीर की मांसपेशियों में दर्द और कड़ापन ला देता है। इस अवस्था में मांसपेशियों में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है जिससे ऊर्जा का उत्सर्जन कठिन हो जाता है।  उपापचय (anaerobic metabolism) क्रिया का वेग बढ़ जाने से माँसपेशियों में लैक्टिक अम्ल एकत्र हो जाता है।

4. अम्ल के प्रयोग से बरतनों के धब्बों को दूर करना-कॉपर
के बरतनों पर भास्मिक कॉपर ऑक्साइड की परत जम जाने के कारण उनकी चमक बदरंग हो जाती है। चूँकि नींबू के रस में सिट्रिक अम्ल रहता है, अतः बरतन की सतह को नींबू के एक टुकड़े से रगड़कर साफ कर देने से बरतन की चमक वापस लौट आती है। नींबू में उपस्थित सिट्रिक अम्ल भास्मिक कॉपर ऑक्साइड से अभिक्रिया करके कॉपर सिट्रेट बनाता है जो जल के साथ बाहर निकल जाता है।

5. मिट्टी का pH-मिट्टी का pH 7 के आसपास रहने पर ही
अधिकांश पौधों की वृद्धि संतोषजनक ढंग से होती है। मिट्टी के अत्यधिक अम्लीय या क्षारीय होने पर पौधों की वृद्धि बाधित हो जाती है। मिट्टी के अत्यधिक अम्लीय रहने पर उसमें कली चूना, भखरा चूना या कैल्सियम कार्बोनेट डालकर उसका pH नियंत्रित किया जाता है। इन रासायनिक पदार्थों के भास्मिक (क्षारीय) होने के कारण ये मिट्टी की अतिरिक्त अम्लीयता को कम कर देते हैं।

6. pH और जलीय जीव-जल का pH एक निश्चित सीमा के अंदर रहने पर ही उसमें वास करनेवाली मछलियाँ तथा अन्य जीव सुरक्षित रहते हैं। अम्ल-वर्षा या अन्य कारणों से जब नदियों/तालाबों का pH बहुत कम हो जाता है, तो जलीय जीवों का अस्तित्व संकट में पड़ जाता है।

7. प्रकृति द्वारा उदासीनीकरण की व्यवस्था—नेटल कई स्थानिक नामों से जाने जाते हैं, यथा बिच्छुत्ती, उरकुस्सी आदि। नेटल (nettle) एक झाड़ी में उगनेवाला पौधा होता है। इसके पत्तों में डॅसनेवाले रोएँ होते हैं जिसके अचानक छू जाने से चमड़े में खुजली होती है। यह खुजली रोएँ द्वारा मेथेनोइक अम्ल (फॉर्मिक अम्ल) के स्राव से होती है। इस खुजली के उपचार हेतु डॉक पौधों (dock plant) के पत्तों को खुजली वाले स्थान पर रगड़ा जाता है। डॉक पौधे नेटल पौधों के नजदीक ही उगते हैं। डॉक पौधों के पत्ते रगड़ने से खुजली दूर हो जाती है, क्योंकि
इसके रस में क्षार की उपस्थिति रहती है।

प्रश्न 50. अम्लों तथा भस्मों की अभिक्रिया के फलस्वरुप क्या बनते हैं ?

उत्तर - अम्लों तथा भस्मों की अभिक्रिया से लवण तथा जल बनते हैं।

HCl + NaOH → NaCl + H2O

प्रश्न 51. कुछ सामान्य विलयनों का pH लिखें ?

उत्तर :-
आमाशय-रस - 1.0
नींबू रस - 2.5
सिरका -3.0
टमाटर रस -4.1
पसीना -4.5
अम्ल-वर्षा -5.6
पेशाब -6.0
दूध -6.5
शुद्ध जल -7.0
आँसू -7.3
खून -7.4
पित्त -7.5 - 8.8
चूना-जल -11.0

प्रश्न 52. लवण में कितने मूलक होते हैं ?

उत्तर - लवण में दो मूलक विद्यमान होते हैं। 

प्रश्न 53. भास्मिक मूलक किसे कहते हैं ?

उत्तर - जो मूलक भस्म से प्राप्त होता है जिन्हें भास्मिक मूलक कहते हैं। भास्मिक मूलक धन आवेशित होते हैं। 

प्रश्न 54. अम्लीय मूलक कहते हैं ?

उत्तर - जो मूलक अम्ल से हाइड्रोजन के विस्थापन के फलस्वरूप प्राप्त होता है जिन्हें अम्लीय मूलक कहते हैं। अम्लीय मूलक ऋण आवेशित होते हैं। 

प्रश्न 55. लवणों का वर्गीकरण कितने वर्गों में किया गया है ? 

उत्तर - 3 वर्गों में किया गया है
1. सामान्य लवण 
2. अम्लीय लवण 
3. भास्मिक लवण

प्रश्न 56. सामान्य लवण से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर - वैसे लवण जिनमें विस्थापनशील हाइड्रोजन या हाइड्रॉक्सिल समूह नहीं होते हैं सामान्य लवण कहलाते हैं। जैसे- NaCl, KCI, KNO3,

प्रश्न 57. अम्लीय लवण से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर -किसी अम्ल के अणु में उपस्थित विस्थापनशील हाइड्रोजन परमाणु को धातु द्वारा अंशतः विस्थापित करने के फलस्वरूप बने लवण को अम्लीय लवण कहते हैं।
दूसरे शब्दों में, 
वे लवण जो किसी भस्म द्वारा किसी अम्ल केअपूर्ण उदासीनीकरण के फलस्वरूप बनते हैं, अम्लीय लवण कहलाते हैं।
अम्लीय लवण में एक या एक से अधिक हाइड्रोजन परमाणु विद्यमान रहते हैं। सोडियम बाइसल्फेट में एक सक्रिय तथा विस्थापनशील हाइड्रोजन परमाणु होता है।

प्रश्न 58. भास्मिक लवण से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर - वैसे भस्म जिनके अणु में एक से अधिक
हाइड्रॉक्सिल समूह होते हैं; अम्लों द्वारा आंशिक रूप से उदासीन होकर ये भास्मिक लवण प्रदान करते हैं। 

प्रश्न 59. pH के आधार पर लवण के कुछ प्रमुख गुण लिखें ?

उत्तर - 
1. प्रबल अम्ल तथा प्रबल भस्म से बने लवणों का जलीय
विलयन उदासीन होता है तथा विलयन का pH मान 7
होता है। 

2. प्रबल अम्ल तथा दुर्बल भस्म से बने लवणों का जलीय
विलयन अम्लीय होता है। तथा अम्लीय विलयन का pH मान 7 से कम होता है।

3. दुर्बल अम्ल तथा प्रबल भस्म से बने लवणों का जलीय
विलयन क्षारीय होता है तथा क्षारीय विलयन का pH मान 7 से अधिक होता है।

प्रश्न 60. सोडियम क्लोराइड कैसे बनता है ? इसका उपयोग लिखें ?

उत्तर - सोडियम क्लोराइड (साधारण नमक, NaCl)
सोडियम हाइड्रॉक्साइड तथा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया से सोडियम क्लोराइड प्राप्त होता है।

हमारे देश में नमक का स्रोत समुद्री जल एवं चट्टानें हैं। भारत में 95% सोडियम क्लोराइड (साधारण नमक) समुद्री जल के वाष्पीकरण द्वारा प्राप्त किया जाता है
वाष्पीकरण द्वारा प्राप्त साधारण नमक में Na2SO4,
MgCl2, MgSO4, CaCO3 आदि लवण अशुद्धि के रूप में पाए जाते हैं।

प्रश्न 61. सेंधा एवं काला नमक क्या है ? यह कैसे प्राप्त किया जाता है ?

उत्तर - काला सेंधा नमक (rock salt) को जमीन खोदकर खदानों (mines) से प्राप्त किया जाता है। इस नमक में अशुद्धि के रूप में लाल चिकनी मिट्टी के कण (marl) मिले होते हैं जिससे नमक का रंग भूरा हो जाता है।

प्रश्न 62. आयोडीनयुक्त नमक क्या है ? इसका उपयोग लिखें ?

उत्तर - आयोडीनयुक्त नमक (Iodised salt)—घेघा रोग (goitre) हमारे आहार (भोजन) में आयोडीन की कमी से होती है। अतः, साधारण नमक में KIO या KI की थोड़ी मात्रा मिलाकर नमक को आयोडीनयुक्त किया जाता है।
सोडियम क्लोराइड (साधारण नमक) हमारे आहार (भोजन) का आवश्यक अंग है। इसका उपयोग सभी प्रकार के भोज्य पदार्थों को बनाने में होता है। 

प्रश्न 63. साधारण नमक का उपयोग लिखें ?

उत्तर - 1. नमक का उपयोग अचार (pickles) के परिरक्षक (preservative) के रूप में होता है। 

2. नमक का उपयोग साबुन बनाने में भी होता है।

3. सोडियम क्लोराइड एक महत्त्वपूर्ण यौगिक है। उद्योगों में इसका उपयोग क्लोरीन, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3), सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3) सोडियम हाइड्रॉक्साइड आदि बनाने में किया जाता है।

प्रश्न 64. सोडियम हाइड्रॉक्साइड कैसे बनता है ?

उत्तर - सोडियम हाइड्रॉक्साइड (कॉस्टिक सोडा, NaOH)
सोडियम हाइड्रॉक्साइड बनाने की विधि-सोडियम हाइड्रॉक्साइड को क्लोर-ऐल्कली विधि द्वारा बनाया जाता है।  

* विद्युत अपघटन के फलस्वरूप Cl, गैस तथा ऐल्कली
प्राप्त होता है, अतः इसे क्लोर-ऐल्कली अभिक्रिया कहा जाता है। इस अभिक्रिया से प्राप्त सोडियम हाइड्रॉक्साइड, Cl, गैस एवं हाइड्रोजन गैस अत्यंत उपयोगी होते हैं।

प्रश्न 65. सोडियम हाइड्रॉक्साइड के उपयोग लिखें ?

उत्तर - 
(i) साबुन तथा अपमार्जक (detergent) बनाने में
(ii) कागज बनाने में
(iii) प्रयोगशाला में अभिकर्मक (reagent) के रूप में

प्रश्न 66. हाइड्रोजन गैस के उपयोग लिखें ?

उत्तर - 
(i) वनस्पति तेल का हाइड्रोजनीकरण कर उन्हें वनस्पति घी में परिणत करने में
(ii) हैबर विधि द्वारा अमोनिया बनाने में

प्रश्न 67. क्लोरीन गैस के उपयोग लिखें ?

उत्तर -
(i) कपड़ों एवं कागज को विरंजित करने में
(ii) कीटाणुनाशक होने के कारण पेयजल को शुद्ध करने में
(iii) विरंजक चूर्ण (bleaching powder) बनाने में

प्रश्न 68. सोडियम बाइकाबेनिट क्या है ? यह कैसे बनाया जाता है ?

उत्तर - सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3) को खानेवाला सोडा भी कहते हैं। इसे प्रायः अमोनिया-सोडा विधि या साल्वे विधि द्वारा तैयार किया जाता है।

सिद्धांत - अमोनिया गैस से संतृप्त सोडियम क्लोराइड के
संतृप्त जलीय विलयन (ब्राइन) में कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित करने के फलस्वरूप सोडियम बाइकार्बोनट प्राप्त होता है।

प्रश्न 69. सोडियम बाइकार्बनिट का कुछ गुण लिखें ?

उत्तर - 1. सोडियम बाइकार्बनिट का जलीय विलयन क्षारीय होता है तथा इस विलयन का pH मान 7 से अधिक होता है।

2. सोडियम बाइकार्बनिट अम्लों को उदासीन करता है तथा अभिक्रिया के फलस्वरूप CO2 गैस निकलती है।

3. सोडियम बाइकार्बनिट को गर्म करने पर यह Na2CO3 H2O तथा CO2 में अपघटित हो जाता है।

प्रश्न 70. सोडियम बाइकाबनिट के कुछ प्रमुख उपयोग लिखें ?

उत्तर  - 1. बेकिंग पाउडर बनाने में बेकिंग पाउडर खाने का
सोडा (NaHCO,) तथा टार्टरिक अम्ल का मिश्रण होता है। 

2. पावरोटी अथवा केक बनाने में पावरोटी अथवा केक
(cake) को मुलायम व स्पंजी (spongy) बनाने में सहायक होता है। 

3. सोडियम बाइकार्बोनेट पेट की अम्लीयता को कम करने
की औषधि (ऐंटासिड) के रूप में प्रयोग किया जाता है।
सोडियम बाइकार्बोनेट पेट में उपस्थित अत्यधिक अम्ल
को उदासीन कर देता है

4. सोडियम बाइकार्बनिट का उपयोग अग्निशामक यंत्रों
(fire extinguisher) में भी किया जाता है। अग्निशामक यंत्र में NaHCO3 तथा H2SO4 रहते हैं।

5. रसोईघर में, खाने के सोडा का उपयोग खस्ता व्यंजन
बनाने के लिए किया जाता है। कभी-कभी इसका
इस्तेमाल खाना जल्द पकाने के लिए भी किया जाता है।

प्रश्न 71. यदि बेकिंग पाउडर में टार्टरिक अम्ल नहीं हो, तो केक का स्वाद क्या होगा ?

उत्तर - सोडियम कार्बोनेट टार्टरिक अम्ल द्वारा उदासीन हो जाता है। यदि बेकिंग पाउडर में टार्टरिक अम्ल नहीं हो, तो केक का स्वाद कड़वा (bitter) हो जाएगा।

प्रश्न 72. ईनो लवण किसका मिश्रण होता है ?

उत्तर - ईनो लवण (Eno's salt) सोडियम बाइकार्बोनेट तथा सिट्रिक अम्ल का मिश्रण होता है।

इस पोस्ट को बहुत जल्द पूरा कर दिया जाएगा


प्रश्न 72. सोडियम कार्बोनेट या धोने का सोडा का सूत्र लिखें ?
उत्तर - (Na2CO3 . 10H2O)

प्रश्न 73. सोडियम कार्बोनेट या धोने का सोडा किस विधि द्वारा तैयार किया जाता है इसके सिद्धांतों को लिखें ?

उत्तर - सोडियम कार्बोनेट या धोने का सोडा (washing soda) प्रायः अमोनिया-सोडा विधि या साल्वे विधि से तैयार किया जाता है।

सिद्धांत – अमोनिया गैस से संतृप्त सोडियम क्लोराइड के संतृप्त जलीय विलयन (ब्राइन) में कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित करने पर सोडियम बाइकार्बोनेट प्राप्त होता है।
NaCl + H2O + CO2 + NH3 → NH4Cl+NaHCO3

सोडियम बाइकार्बोनेट को गर्म करके सोडियम कार्बोनेट प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न 74. सोडियम कार्बोनेट के रवाकरण से क्या प्राप्त होता है ?

उत्तर - सोडियम कार्बोनेट के रवाकरण से धोने का सोडा प्राप्त होता है।

प्रश्न 75. सोडियम बाईकार्बोनेट के कुछ प्रमुख गुण लिखिए ?

उत्तर - 1. सोडियम बाई कर्बोनेट का जलीय विलयन क्षारीय होता है।

2. यह अम्लों को उदासीन बनाता है तथा अभिक्रिया के फलस्वरूप CO2 गैस निकलती है।

3. सोडियम कार्बोनेट को तीव्रता से गर्म करने पर अनार्द्र Na2CO3 बनता है।

4. सोडियम कार्बोनट के विलयन में CO2 गैस प्रवाहित
करने पर सोडियम बाइकार्बोनिट बनता है।

प्रश्न 76. अनार्द्र सोडियम कार्बोनेट को क्या कहते हैं ?

उत्तर - अनार्द्र सोडियम कार्बोनेट को सोडा ऐश (soda ash) कहते हैं।

प्रश्न 77. उत्फुल्लन से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर - उत्फुल्लन (Efflorescence) - सोडियम बाईकार्बोनेट को हवा में खुला छोड़ने पर रवाकरण के जल को त्यागकर सोडियम कार्बोनेट मोनोहाइड्रेट का चूर्ण बनना उत्फुल्लन कहलाता है।

प्रश्न 78. धोने के सोडा का उपयोग लिखें ?

उत्तर - 1. कपड़ा आदि धोने में इसका उपयोग होता है।

2. यह प्रयोगशाला में अभिकर्मक के रूप में व्यवहार किया जाता है।

3. काँच, कागज, साबुन आदि के उत्पादन में इसका उपयोग होता है।

4. जल का स्थायी खारापन दूर करने में Na2CO3 का
उपयोग होता है। 

प्रश्न 79. विरंजक चूर्ण का सूत्र लिखें ?

उत्तर - विरंजक चूर्ण [Ca(OCI)Cl]

प्रश्न 80. विरंजक चूर्ण कैसे प्राप्त किया जाता है ?

उत्तर - शुष्क बुझे हुए चूने को 40°C तक तप्त कर उसके ऊपर क्लोरीन गैस प्रवाहित करने पर विरंजक चूर्ण (bleaching powder) प्राप्त होता है।

प्रश्न 81. विरंजक चूर्ण के कुछ प्रमुख गुण लिखें ?
उत्तर - यह सफेद चूर्ण है इसकी गंध क्लोरीन जैसी होती है। क्लोरीन गैस कीटाणुनाशक के रूप में व्यवहृत होता है। यह तनु HCI के साथ अभिक्रिया कर क्लोरीन देता है क्लोरीन कपड़ा तथा कागज को विरंजित करता है।








* अम्ल का जलीय विलयन स्वाद में खट्टां होता है।
 
* भस्म का जलीय बिलयन कड़वा होता है।

*अम्ल तथा भस्म की अभिक्रिया से लवण तथा जल बनते हैं। 

*आरहेनियस के अनुसार अम्ल जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H+) देते है तथा भस्म जल में घुलकर हाइड्रॉक्साइड आयन (OH-) देते हैं। 

*प्रबल अम्ल जल में पूर्णतः आयनित होते हैं तथा दुर्बल अम्ल जल में आंशिक रूप से आयनित होते हैं। 

*6-8% ऐसीटिक अम्ल को सिरका कहते हैं। 

* लिटमस थैलोफाइटा वर्ग के लाइकेन पौधे से निकाला गया बैंगनी रंग का उदासीन अर्क होता है। 

*अम्ल नीले लिटमस पत्र को लाल करता है तथा क्षार लाल लिटमस प्रश्न को नीला करता है। 

*अम्ल धातु से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करता है। 

*अम्ल धातु के कार्बनिट एवं बाइकाबेनिट से अभिक्रिया कर कार्बन डाइऑक्साइड देता है। 

*अम्ल तथा भस्म के जलीय विलयन विद्युत के सुचालक होते हैं। 

*जल में घुलनशील भस्म क्षार कहलाते हैं। 

*किसी विलयन के pH का मान उसमें उपस्थित H+ आयनो की मोलर सांद्रता के लघुगणक का ऋण मान है। 
pH=-log[H+] 

*सोडियम हाइड्रोक्साइड क्लोर-ऐल्कली विधि द्वारा बनाया जाता है जिसमें सोडियम क्लोराइड के संतृप्त जलीय विलयन का विद्युत-अपघटन किया जाता है।

*खाने का सोडा, (NaHCO3) तथा थोने का सोडा (Na2CO3.10H2O) अमोनिया-सोडा विधि या साल्वे विधि द्वारा बनाया जाता है। 

*बेकिंग पाउडर खाने वाला सोडा तथा टार्टरिक अम्ल का मिश्रण होता है | 

















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